Breaking News
Home » उत्तर प्रदेश » इंडियन एयरफोर्स से रिटायर शख्स ने लगाई फांसी, 4 पन्ने का सुसाइड नोट लिख पी चिदंबरम को ठहराया जिम्मेदार
इंडियन एयरफोर्स से रिटायर शख्स ने लगाई फांसी, 4 पन्ने का सुसाइड नोट लिख पी चिदंबरम को ठहराया जिम्मेदार
इंडियन एयरफोर्स से रिटायर शख्स ने लगाई फांसी, 4 पन्ने का सुसाइड नोट लिख पी चिदंबरम को ठहराया जिम्मेदार

इंडियन एयरफोर्स से रिटायर शख्स ने लगाई फांसी, 4 पन्ने का सुसाइड नोट लिख पी चिदंबरम को ठहराया जिम्मेदार

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक होटल में उस वक्त माहौल सनसनीपूर्ण हो गया जब यहां इंडियन एयरफोर्स से रिटायर एक शख्स ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली| मृतक शख्स का नाम बिजन दास(55) साल है|बिजन दास के पास से 4 पन्ने का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमे वह फांसी क्यों लगा रहे हैं इसका उन्होने जिक्र किया है|बिजन दास ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि वह आर्थिक तंगी से झूझ रहे हैं, और इसका कारण देश में छाई मंदी और मंदी का कारण हैं पी चिदंबरम| मृतक बिजन दास ने जान देने की वजह देश में मंदी और पी चिदंबरम {बता दें कि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम अभी तिहाड़ जेल में हैं|INX मीडिया मामले में उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट ने 19 सितंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है}|के भ्रष्टाचार को बताया है|

इसके साथ ही उन्होंने अपने गायक बेटे के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है| साथ ही जिला प्रशासन से आग्रह किया कि शव को प्रयागराज में ही दफना दिया जाए|

पीएम मोदी से बेटे के लिए मदद मांग गए बिजन दास……..

बिजन दास ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि पीएम मोदी, मैं कभी भी आत्महत्या करना नहीं चाहता था लेकिन मैं मजबूर हूं, सबको खुश करने की चाह में किसी को भी खुश नहीं रख पाया| मैं अपने बेटे के लिए भी कुछ नहीं कर पाया| मैं उसको एक अच्छा बचपन भी नहीं दे पाया| मैं उसके लिए घर तक नहीं बनवा पाया| मैं ना तो देश के लिए काम आया और ना ही अपने परिवार के लिए काम आया हूं|मेरा बेटा एक अच्छा गायक है|पैसे की कमी के कारण मैं उसको स्टेज नहीं दे पाया| उसका नाम विवेक है| मेरे बेटे की मदद करें| मुझे पता है आपके (पीएम मोदी) सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन फिर भी आप मेरे बेटे की मदद करें| उसने मुझसे कुछ नहीं मांगा| मोदी जी अब मेरा बेटा मजबूर है|उसकी शारीरिक स्थिति भी ठीक नहीं है| अब मैं भी नौकरी नहीं कर सकता| मैं अपने बेटे की मदद कैसे करूं| मैं इस उम्मीद में आत्महत्या कर रहा हूं कि आप मेरे बेटे की मदद करेंगे|मैं जिला प्रशासन से गुजारिश करता हूं कि मेरे शव को यहीं दफना दिया जाए। मेरे परिवार या मेरे बेटे को नहीं बुलाया जाए। मैं नहीं चाहता कि मेरा बेटा शव देखे। मैंने 1500 रुपये रखे हैं, जो मेरे शव का अंतिम संस्कार करने वाले को दे दिया जाए। मेरे पास और पैसा नहीं है। असुविधा के लिए खेद है। 

बताया जाता है कि बिजन दास 6 सितंबर को किसी काम से असम से प्रयागराज पहुंचे| वह यहां के खुल्दाबाद इलाके में बने प्रयाग होटल में रुके| बिजन दास प्रयाग होटल के कमरा नबंर 214 में ठहरे थे| रात तक उन्हें कमरे में जाता देखा गया, लेकिन सुबह वो अपने कमरे से नहीं निकले| होटल के वेटर ने भी उन्हें सोया हुआ समझकर नहीं जगाया|लेकिन सुबह से शाम हो गई वह नहीं जगे जिसके बाद वेटर ने होटल के मैनेजर को बताया| बिजन दास के कमरे का दरवाजा खटखटाया गया अंदर से कोई आवाज नहीं आई न ही दरवाजा खोला गया| कमरे की खिलड़ी पर लगे कूलर को हटकर जब कमरे के अंदर के झांका गया तो बिजन दास फांसी के फंदे पर लटके हुए थे|

आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई|मौके पर पहुंचकर पुलिस ने घरवालों को सूचना देकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया|

Check Also

इटावा में सूर्यप्रताप शाही ने इटावा मे चलाया स्वच्छता अभियान

इटावा। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि सरकार स्वच्छता अभियान पर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share
See our YouTube Channel