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कोर्ट में पेश ना होने के चलते 10 साल बाद भगोड़े आरोपी को ऑपरेशन सेल पुलिस ने किया काबू।

रंजीत शम्मी

चंडीगढ़। यूटी पुलिस का ऑपरेशन सेल शहर में पूरी तरह से एक्टिव होने के चलते लगातार अपराधियों की धरपकड़ कर रहा है।ऑपरेशन सेल द्वारा वारदातों को अंजाम देने वाले आरोपियों को लगातार काबू कर रहा है। वही बुधवार को गुप्त सूचना के आधार पर कोर्ट में पेश न होने के चलते 10 सालों बाद स्नैचिंग के मामले में फरार चल रहे आरोपी भगोड़े को पुलिस ने दबोच लिया है। जिसकी पहचान महेश नगर हरियाणा के जिला अंबाला के रहने वाले 37 साल के गुरप्रीत सिंह उर्फ सनी के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक यूटी पुलिस के ऑपरेशन सेल को बुधवार दोपहर करीब 1:45 पर सूचना मिली थी कि स्नैचिंग के मामले में कोर्ट में पेश ना होने के चलते फरार चल रहा आरोपी भगोड़ा स्थाई पता जरनैल एनक्लेव फेज दो जीरकपुर स्थित घर में मौजूद है। मामले की सूचना पाते ही ऑपरेशन सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर रंजीत सिंह के सुपरविजन में एक टीम गठित की गई । टीम में सेल के हेड कांस्टेबल लखविंदर सिंह हेड कांस्टेबल जसविंदर कुमार और कॉन्स्टेबल अमनदीप द्वारा सूचना के आधार पर भगोड़े आरोपी को काबू कर लिया। पकड़े गए भगोड़े आरोपी को पुलिस ने वीरवार को जिला अदालत में पेश किया। अदालत ने भगोड़े आरोपी को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

क्या था मामला

जानकारी के मुताबिक पता चला है कि सेक्टर 7 की रहने वाली पीड़ित शिकायतकर्ता महिला करमजीत कौर ने पुलिस को बताया था कि वह अपने परिवार समेत रहती है। घटना वाले दिन 6 अप्रैल 2006 को वह अपने घर से सेक्टर 8 मार्केट में मेडिसिन लेने जा रही थी। इसी दौरान स्कूटर पर सवार दो आरोपी शातिर गुरप्रीत सिंह उर्फ सनी अपने साथी के साथ पीड़िता महिला का पर्स छीन कर फरार हो गए थे।महिला के पर्स में 6 एटीएम कार्ड,, 770 रुपए की नगदी, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य कागजात थे। मामले में पुलिस ने आरोपी गुरप्रीत सिंह को काबू कर लिया था। और जिसकी बाद में जमानत मिल गई थी। जमानत मिलने के बाद शातिर कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था जिसके चलते कोर्ट द्वारा 21 अगस्त 2010 को भगोड़ा घोषित कर दिया था। आरोपियों द्वारा वारदात को अंजाम थाना 3 क्षेत्र एरिया के अंतर्गत दिया गया था।

केस नंबर दो।

जानकारी के मुताबिक सेक्टर 22 की रहने वाली पीड़िता शिकायतकर्ता सरोज उप्पल ने पुलिस को बताया था कि वह अपने परिवार समेत रहती है। 16 फरवरी 2006 को वह सेक्टर 35 में रिक्शा पर सवार होकर जा रही थी। जैसे ही पीड़िता सेक्टर 22 मकान नंबर 2572 के पास पहुंची तो स्कूटर पर सवार दो शातिर महिला के हाथ मे पकड़ा पर्स छीन कर फरार हो गए थे। पर्स में 8 से 10 हजार रुपए की नकदी, चाबियां और जरूरी कागजात थे। थाना 17 पुलिस ने घटना वाले दिन तुरंत मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था मामले में पुलिस ने आरोपी शातिर गुरप्रीत सिंह उर्फ सनी को पकड़ लिया था। बाद में आरोपी को जमानत मिल गई थी। जमानत मिलने के बाद आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। जिसके चलते कोर्ट ने 26 फरवरी 2011 को भगोड़ा घोषित कर दिया था। पकड़े गए आरोपी भगोड़े के खिलाफ थाना 3 और थाना 17 मे स्नैचिंग के मामले दर्ज थे।

ऑपरेशन सेल पुलिस ने दो केसों के अलावा आरोपी भगोड़े ने अंबाला में भी वारदात को अंजाम दिया था। जानकारी के मुताबिक अंबाला कैंट के रहने वाले पीड़ित शिकायतकर्ता सुनील सेठी ने पुलिस को बताया था कि वह अपने परिवार समेत रहते हैं। और प्रॉपर्टी डीलर का काम करते हैं। 5 अप्रैल 2007 को प्रॉपर्टी डीलर सुनील सेठी को आरोपी गुरप्रीत सिंह और उसके साथी द्वारा 50 हजार रुपए की फिरौती की डिमांड की थी। आरोपियों द्वारा पीड़ित शिकायतकर्ता को धमकी दी थी कि अगर वह फिरौती नहीं देगा। उसके परिवार को वह नुकसान पहुंचा सकते हैं। जिसकी शिकायत तुरंत पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने मामले में आरोपी गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी को मामले में 11 नवंबर 2010 को दोषी ठहराया गया था। जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन सेल द्वारा इससे पहले भी कई भगोड़ो और वारदात अंजाम देने वाले आरोपियों को लगातार काबू कर चुकी है । ऑपरेशन सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर रंजीत सिंह का कहना है कि शहर में वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों पर सेल की पूरी नजर है। अगर किसी भी अपराधी ने वारदात को अंजाम दिया तो पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी। उनका अभियान लगातार जारी रहेगा।

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