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Administration had to extend the date

वाहनों पर कलर स्टीकरों को लेकर लंबी लाईनें, प्रशासन को बढ़ानी पड़ी तिथि

Administration had to extend the date : रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंसिंग अथॉरटी की ओर से कलर कोडिंग स्टीकरों व एचएसआरपी प्लेट लगवाने के लिए शहर के विभिन्न स्थलों पर जो व्यवस्था की गई उसकी धज्जियां उड़ती दिखी जब वहां लोगों की लंबी लंबी कतारें लग गई। कोरोना प्रोटोकॉल की लोग बिलकुल पालना करते नहीं दिखे। जिस ठेकेदार को काम दिया गया, उसके कारिंदों को ये तक नहीं पता था कि कौन सी गाड़ी का कौन से स्टीकर देना है। लंबी लंबी कतारों में लगे लोगों ने प्रशासन से मांग की कि एक और तो कोरोना की बीमारी है। ऐसे में लोग स्टीकर लेने व प्लेट लगाने पहुंच रहे हैं लेकिन फीस जमा कराने के लिए कतारों में लगना पड़ रहा है जहां बिलकुल भी सोशल डिस्टेंसिंग नहीं है। प्रशासन खुद तो कोरोना प्रोटोकॉल फॉलो करने की हिदायत दे रहा है लेकिन खुद ही असुरक्षित तरीके अपना रहा है जहां बड़ी तादाद में लोग जुट रहे हैं। लोगों ने आरएलए के हैड विराट से मांग की है कि कोरोना की इस घड़ी में अगर डिजिटल पेमेंट करवा ली जाए और स्टीकरों व नंबर प्लेटों को रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस की तरह कुछ पेमेंट लेकर घर भेजने की व्यवस्था कर दें तो ज्यादा ठीक रहेगा। अब लोगों को छुट्टी लेकर लाइनों में लगना पड़ रहा है जिससे राहत मिल जाएगी। अगर हो सके तो इसकी पेमेंट डिजिटल मोड से कर दी जाए ताकि भीड़ में कम से कम फीस जमा कराने से तो लोगों को छुट्टी मिलेगी?

सीटीयू वर्कशाप के पास लगा भयंकर जाम, फंसी एंबुलेंस व पुलिस की गाडिय़ां

वाहनों पर कलर स्टीकरों लगाने को लेकर शहर के सभी सेंटरों सेक्टर 17, सेक्टर 42 व इंडस्ट्रियल एरिया में जहां लंबी लाईनें लगीं रहीं, वहीं पर इंडस्ट्रियल एरिया पर शुक्रवार को सीटीयू वर्कशॉप के सामने जबरदस्त जॉम भी लग गया। करीब डेढ़ से दो घंटे तक जॉम की स्थिति रही। अर्थप्रकाश संवाददाता ने एसडीएम रुचि सिंह बेदी को जब इस विकरॉल जॉम के बारे जानकारी दी तो उन्होंने इंडस्ट्रियल एरिया के एसएचओ को जॉम खुलवाने का आदेश दिया। असल में स्टीकर लगवाने वाले व एचएसआरपी प्लेट लगवाने के लिए शुक्रवार को इंडस्ट्रियल एरिया लाइट प्वाइंट के बराबर वाली सड़क पर काफी भीड़ व वाहन जुट गए। लोगों ने एक एक किलोमीटर दूरी पर अपने वाहन लगा दिए। जॉम में एंबुलेंस व पुलिस की गाडिय़ां भी फंस गई। काफी मशक्कत के बाद जाम खुला।

कलर कोडिंग स्टीकर व एचएसआरपी प्लेट लगाने की तारीख बढ़ी 31 जुलाई तक

सुबह करीब 12 बजे अर्थप्रकाश चैनल आरएलए के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ऑफिस पर कलर कोडिंग स्टीकर व एचएसआरपी प्लेटों को लगाने के काम का जायजा लेने पहुंचा। यहां फीस काउंटरों व ठेकेदार के कारिंदे के पास स्टीकर हासिल करने के लिए जबरदस्त भीड़ और वो भी कोरोना काल में। जैसे ही इससे संबंधित रिपोर्ट अर्थप्रकाश ने चलाई, तुरंत आरएलए के इंचार्ज व हैड विराट हरकत में आए और उन्होंने तुरंत कलर कोडिंग स्टीकर व एचएसआरपी प्लेट लगाने के लिए 31 मार्च 2021 से तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई 2021 कर लोगों को जबरदस्त राहत दे दी। उन्होंने ये भी ऐलान कर दिया कि लोगों को पैनिक करने की जरूरत नहीं है, इससे आगे भी छह महीने तारीख बढ़ा देंगे लिहाजा लोग आराम से इस काम को निपटाएं। जिन सीरिज वालों को बुलाया जा रहा है केवल वह ही पहुंचें।

फीस काउंटर पर जबरदस्त मारामारी, लोग बोले डिजिटल मोड से पेमेंट के दे आरएलए आदेश

Administration had to extend the date: आरएलए ने जो फीस काउंटर फीस जमा करने के लिए बनाया था वहां भी लंबी लंबी लाइनें लगी थी। लोगों ने बताया कि काफी देर तो सर्वर ही नहीं चला जिसकी वजह से ज्यादा भीड़ जुट गई। फिर फीस जमा करने के लिए केवल एक मुलाजिम बैठा था। आरएलए के इंचार्ज विराट की जानकारी में जैसे ही परिस्थिति लाई गई तो तत्काल फीस काउंटर पर दूसरे मुलाजिम की तैनाती कर दी गई। उसके बाद जाकर स्थिति संभली और काम में थोड़ी तेजी आई।

लोग पैनिक न हो, 31 जुलाई कर दी है डेट, आगे भी बढ़ा देंगे: विराट

रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंसिंग अथॉरटी के इंचार्ज विराट के अनुसार मौके पर भीड़ ज्यादा इसलिए जुटी क्योंकि लोग मनमर्जी से एचएसआरपी प्लेट व कलर कोडिंग वाले स्टीकर लेने चले आए। जिस सीरिज के लोगों को बुलाया गया था केवल उन्हीं को पहुंचना था लेकिन फिर भी लोगों में पैनिक न हो लिहाजा हमने कलर कोडिंग स्टीकर और एचएसआरपी प्लेट लगाने की तारीख 31 मार्च 2021 से बढ़ाकर 31 जुलाई 2021 कर दी है। जरूरत पड़ी तो इसे आगे भी छह महीने के लिए बढ़ा दिया जाएगा लिहाजा लोग ज्यादा जल्दबाजी न करें और इस काम को आराम से निपटाएं। हम लोगों की सुविधा के अनुसार व्यवस्था कर देंगे ताकि उन्हें परेशानी न हो।

आरएलए का अच्छा इनीशिएटिव, व्यवस्था दुरुस्त हो

Administration had to extend the date: लोगों ने आरएलए के इस कदम को बेहतरीन बताया जिसमें कलर कोडिंग के जरिये वाहनों में यह पता चल सकेगा कि वाहन पेट्रोल का है या डीजल का। दूसरा इससे यह भी पता चलेगा कि वाहन की मियाद यानि उसकी रजिस्ट्रेशन के 15 साल कब पूरे हो जाएंगे। कंडम वाहनों पर इससे ट्रैफिक पुलिस नकेल कस सकेगी। ये वाहन जबरदस्त प्रदूषण फैलाते हैं। साथ ही लोगों ने कहा कि आरएलए के इस कदम को और बेहतर बनाने के लिए व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए। जिस ठेकेदार को काम दिया है वह काम को सही तरीके से अंजाम नहीं दे रहा। ठेकेदार के कारिंदों को ये तक नहीं पता कि कौन सा स्टीकर किस वाहन के लिए देना है। बता दें कि सीएनजी वाहन के लिए ग्रीन स्टीकर, डीजल वाहन के लिए ओरेंज स्टीकर व पेट्रोल वाहन के लिए ब्लू रंग का स्टीकर लगाया जाना है। ठेकेदार के कारिंदे इस काम को सही तरीके से अंजाम नहीं दे पा रहे। बहुत से लोगों को उन्होंने गलत स्टीकर बांट दिए जिन्होंने वाहनों पर चिपका भी लिया लेकिन बाद में पता चला कि ये स्टीकर गलत हैं। उन्हें दोबारा स्टीकर लगवाने के लिए हिदायत दी गई।

स्ट्रीमलाइन होगी व्यवस्था: रूचि सिंह

एसडीएम ईस्ट रुचि सिंह बेदी का कहना है कि आरएलए के इस बेहतरीन इनीशिएटिव का फायदा लोगों को मिले, ऐसी कोशिशें की जा रही हैं। हम अपनी तरफ से व्यवस्था स्ट्रीमलाइन करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की संबंधित एसएचओ को हिदायत दे दी गई है। उम्मीद है कि व्यवस्था में जल्द सुधार हो जाएगा।

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