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Chanakya Niti

बिना कुछ किये कैसे दें अपने दुश्मनों को शिकस्त, बता रहे हैं आचार्य चाणक्य

Acharya Chanakya Thoughts : आचार्य चाणक्य के विचार और उनकी नीतियां भले ही कड़वी और कठोर हैं मगर हैं जीवन को सुधार देने वालीं और सफल देने वालीं| इसलिए आचार्य चाणक्य के विचारों से प्रेरित होकर उन्हें अपने जीवन में जरूर अपनाएं क्योंकि कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। जीवन कोई फूलों की सेज नहीं है जिसपर आपका जीवन चलता जायेगा| अरे ये तो वो कस्ती है जो कभी डूबती है तो कभी हिचकोले लगाती है तो कभी बड़े आराम से अपने सफर को पार करती है| जीवन में कांटें भी हैं और फूल भी| इसलिए दोनों समय-समय पर आपको घेरते हैं| सुख-दुःख दोनों जीवन के साथी हैं| फिलहाल आचार्य चाणक्य के विचार तो बहुत हैं परन्तु आज हम उनके विचारों में से आपको एक विचार से अवगत कराने जा रहे हैं| ये विचार यूं है कि आपको बिना कुछ किये अपने दुश्मनों को शिकस्त कैसे देनी है|

आचार्य चाणक्य के विचार(Acharya Chanakya Thoughts) में घुली नीति कहती हैं- आपके दुश्मनों के लिए सबसे बड़ी सजा आपका खुश रहना है| मतलब आप अपने चेहरे पर मुस्कान रखकर अपने दुश्मनो को आंतरिक घायल कर सकते हैं| उन्हें मात दे सकते हैं| उन्होने भले ही आपको लाख मुसीबतों में डाला है लेकिन फिर भी अगर आप खुश हैं तो ये उनके लिए बेचैनी की बात होगी और यही बेचैनी उनके लिए सबसे बड़ी सजा बनेगी|

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य का जो आचरण है वो ईर्सा भी रखता है इसलिए मनुष्य एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश करता रहता है| एक दूसरे के लिए खाई खोदने का काम करता है और समय आने पर उसमें धक्का भी मार देता है| ऐसे में अगर आप गिरकर भी खुश हैं तो धक्का मारने वाले के लिए इससे शर्मसार होने की बात कुछ और नहीं होगी| यहां एक बात वो ये सोचेगा कि सही आदमी है मुझसे कुछ नहीं कहा मैने बेकार धक्का मारा या फिर दूसरी बात वो ये सोचेगा कि इसको तो कुछ फर्क ही नहीं पड़ा बेकार ही रहा इसका खेल बिगाड़ना| आखिर यह इतना खुश कैसे है वो ये जानने में अपनी जिंदगी का अमूल्य समय गवां बैठेगा जो कि उसके लिए सबसे बड़ी सजा होगी| तो ये थी Chanakya Niti, अगली चाणक्य नीति से रूबरू होने के लिए बने रहिये अर्थ प्रकाश पर ..

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