यूपी कैबिनेट में इंटर कॉलेजों में कंप्यूटर टीचर की भर्ती समेत कई प्रस्तावों पर लगी मुहर
Thursday, November 15, 2018
Breaking News
Home » उत्तर प्रदेश » यूपी कैबिनेट में इंटर कॉलेजों में कंप्यूटर टीचर की भर्ती समेत कई प्रस्तावों पर लगी मुहर
यूपी कैबिनेट में इंटर कॉलेजों में कंप्यूटर टीचर की भर्ती समेत कई प्रस्तावों पर लगी मुहर

यूपी कैबिनेट में इंटर कॉलेजों में कंप्यूटर टीचर की भर्ती समेत कई प्रस्तावों पर लगी मुहर

लखनऊ। यूपी कैबिनेट ने मंगलवार दोपहर हुई बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि सरकार ने पूर्वांचल एक्सप्रेस वे समेत कई प्रस्ताव पास किये हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के विभिन्न पैकेजों के ईपीसी पद्धति पर क्रियान्वयन हेतु चयनित निर्माणकर्ताओं को यूपी कैबिनेट का अनुमोदन। 6 लेन का यह प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेसवे 36 माह में तैयार होगा।इसकी लागत लगभग 23,349.37 करोड़ रु. होगी,जो पूर्व सरकार द्वारा तय लागत से 1516 करोड़ रु. कम है।

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के मृतक आश्रितों के सेवायोजन पर जुलाई 2003 से लगी रोक को शिथिल करने को यूपी कैबिनेट की स्वीकृति। अब निगम में चालक/ परिचालक के उत्पादक पदों पर 587 मृतक आश्रितों को नियुक्ति प्रदान की जाएगी।लोकतंत्र सेनानियों व उनके आश्रितों को प्रतिमाह दी जाने वाली सम्मान राशि में वृद्धि को यूपी कैबिनेट की मंजूरी। अब लोकतंत्र सेनानियों व उनके आश्रितों को 15,000 रुपए के स्थान पर प्रति माह 20,000 रुपए सम्मान राशि दी जाएगी। नई पेंशन 1 जुलाई 2018 से प्रभावी होगी।

उत्तर प्रदेश के 788 राजकीय (बालक/बालिका) इंटर कॉलेजों में इंटर कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रथम चरण में जनपद मुख्यालयों के 61 बालक व 69 बालिका राजकीय इंटर कॉलेजों के लिए कंप्यूटर साइंस के प्रवक्ताओं की अनुबंध पर नियुक्ति की जाएगी।

गोरखपुर में विकास खंड पीपीगंज के गठन को निरस्त कर, विकास खंड भरोहिया के सृजन को यूपी कैबिनेट की स्वीकृति। निर्णय से लोगों तक सरकार की विकास योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने और विकास कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
‘उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम, 1964 में संशोधन को यूपी कैबिनेट की मंजूरी। अब सिंघाड़ा निर्दिष्ट कृषि उत्पाद की श्रेणी से बाहर होगा और इस पर लग रहा विकास सेस सिंघाड़ा उत्पादकों से नहीं लिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share