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पुलिस एक्शन के विरोध में उतरे क्रेशर मालिक, गुडग़ांव पाली रोड किया जाम

फरीदाबाद। पाली क्रेशर जोन में ओवरलोडिंग कानून के तहत पुलिस और प्रशासन की कार्यवाही से नाराज़ सैकड़ो क्रेशर मालिको ने गुडग़ांव-पाली रोड़ पर सडक़ के बीचों बीच लगाया जाम लगाया और  जमकर नारेबाजी की।  क्रेशर मालिको का आरोप है की राजस्थान सेओवरलोड भरकर आ रहे ट्रक मालिकों पर कोई कार्यवाही नही की की जाती। जबकि लोकल क्रेशर वालो के ट्रको को पुलिस पकड़ कर रही है और उनका चालान कर रही है.  क्रेशर मालिको का कहना था की एक ही जिले में दो अलग कानून क्यों ?  उन्होंने कहा की यदि यही हालात रहे तो वह आत्महत्या तक करने को मजबूर होंगे।  हालांकि क्रेशर मालिकों के गुस्से को देखते हुए भारी संख्या में एसीपी के नेतृत्व में पुलिस वहाँ पहुंची और क्रेशर मालिकों के साथ उनकी समस्याएं सुनी और आश्वासन दिया।  एक ही राज्य में सरकार की दोहरी पॉलिसी के चलते दुखी क्रेशर मालिकों एवं ट्रक मालिकों ने आज पाली चौकी पर जाम लगाया और सरकार से इस डबल स्टैंडर्ड की नीति को खत्म करने की मांग की। पाली क्रेशर जोन के प्रधान धर्मबीर भड़ाना ने कहा कि प्रदेश सरकार के गलत नीतियों के चलते क्रेशर मालिकों एवं ट्रक मालिकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। पाली क्रेशर जोन में ट्रकों को सरकार द्वारा पास किए गए लोड के अंडर में पास की अनुमति है, मगर वहीं पर राजस्थान से  ओवरलोड ट्रक भरकर इस इलाके से गुजर रहे है और आ रहे  जो सीधा गुडग़ांव, नोएडा एवं दिल्ली में माल सप्लाई कर रहे हैं। क्योंकि सरकार की नीति के अनुसार अब क्रेशर जोनों पर ही ट्रकों की चैकिंग की जा रही है, हाईवे पर ओवरलोडिंग के लिए कोई चैकिंग नहीं की जाती। जिसके चलते राजस्थान से ट्रक ओवरलोडिंग में भरकर चल रहे हैं और गुडग़ांव, फरीदाबाद, दिल्ली तथा नोएडा तक माल पहुंचाया जा रहा है।  उन्होंने बताया कि जो ट्रक हमारे यहां पाली क्रेशर जोन से माल भरकर जाते हैं, उनकी चैकिंग की जाती है और सभी अंडर लोडिंग में चल रहे हैं। पाली-क्रेशर जोन के अध्यक्ष भड़ाना ने बताया कि हमें सरकार की अंडरपास की पॉलिसी से कोई परेशानी नहीं है, मगर एक ही जिले में व एक ही राज्य में सरकार दोहरी नीति चला रही है। जब हमारे यहां अंडर पास में ट्रकों को पास किया जा रहा है, तो राजस्थान से आने वाले ट्रको को ओवरलोडिंग की परमिशन क्यों?  इससे हमारे क्रेशर मालिकों एवं ट्रक मालिकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। सरकार को इसका समाधान करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी की यदि ऐसा ही चलता रहा तो उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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