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सरकार बर्खास्तगी की मांग पर कांग्रेस का पलटवार-

सरकार बर्खास्तगी की मांग पर कांग्रेस का पलटवार-

चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल और भाजपा द्वारा आज राज्यपाल वीपी सिंह बदनोर से मिलकर कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनाव घोषणापत्र में किए गए वायदों को पूरा न करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस की सरकार को बर्खास्त करने की मांग के मामले पर पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक डॉ. राजकुमार वेरका ने पलटवार किया है।
डॉ. वेरका ने कहा कि आज अकाली प्रधान सुखबीर सिंह बादल और भाजपा प्रधान विजय सांपला अपने शिष्टमंडल के साथ राज्यपाल से यह मांग कर रहे हैं कि चुनाव घोषणापत्र एक कानूनी दस्तावेज होना चाहिए, जो पार्टियां इस पर खरा न उतरें उन पर कार्रवाई की जाए। मैं उनकी इस सोच का स्वागत करता हूं, लेकिन उक्त नेता यह बताएं कि उनकी सहयोगी पार्टी भाजपा ने केंद्र की सत्ता में आने से पूर्व अपने घोषणापत्र में जो वायदे किए थे, वे भी तो पूरे नहीं हुए। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल से इस्तीफा क्यों नहीं मांगते। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की जाती?
डॉ. वेरका ने कहा कि भाजपा ने वायदा किया था कि किसानों की आय दोगुनी होगी। भाजपा के घोषणापत्र में यह भी था कि स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू की जाएगी।
सभी लोगों के अकाउंट में पंद्रह-पंद्रह लाख रुपये भेजे जाएंगे। हर साल दस करोड़ नौकरियां देने की बात कही गई। सरकार ने नौकरियां तो नहीं दीं, हां नोटबंदी लागू कर दस करोड़ लोगों को बेरोजगार कर दिया। क्या उक्त नेता इसका जवाब मांगेंगे?
हम चुनावी घोषणापत्र को धार्मिक चिन्ह मानते हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जहां पेंशन राशि में वृद्धि की, वहीं शगुन स्कीम की राशि बढ़ाई गई।
इंडस्ट्री को पांच रुपये प्रति यूनिट बिजली दी गई। किसानों की कर्ज माफी के लिए 580 करोड़ जारी किए गए हैं। क्या उक्त नेताओं द्धारा इन कामों के बदले कैप्टन अमरिंदर सिंह के पक्ष में धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाएगा ?
यदि ये नेता चुनावी घोषणापत्र के वायदों को पूरा करवाने की इच्छा रखते हैं तो सबसे पहले केंद्र में बैठी अपनी सहयोगी भाजपा से कहें कि वह अपनी पारी समाप्ति से पहले जो कहा था, उसे करके दिखाएं। नहीं तो प्रधानमंत्री मोदी और हरसिमरत कौर बादल से इस्तीफा मांगे।

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