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कैप्टन ने एक लाख और मामलों में फसली कर्जा माफी की स्वीकृति दी-
New Delhi: Congress party’s deputy leader in Lok Sabha Amarinder Singh addressing the media in New Delhi on Saturday. PTI Photo by Atul Yadav (PTI11_21_2015_000161A)

कैप्टन ने एक लाख और मामलों में फसली कर्जा माफी की स्वीकृति दी-

31 जनवरी से पहले होगी कर्जा राशि की अदायगी-

 

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज फसली कर्जा माफी के लिए एक लाख 15 हजार अन्य मामलों को स्वीकृति दे दी है जिसकी राशि 580 करोड़ रुपए बनती है और 31 जनवरी से पहले राज्य भर के किसानों को बांटी जाएगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री के नेतृत्व अधीन आज हुई उच्च स्तरीय मीटिंग दौरान की गई। इस मीटिंग दौरान गत 7 जनवरी को राज्य सरकार द्वारा कर्ज माफी स्कीम का औपचारिक शुरूआत करने के बाद की प्रगति का जायजा लिया गया। सरकार द्वारा कर्ज माफी के पहले पड़ाव में पांच जिलों के लगभग 47000 किसानों को कर्ज माफी के सर्टिफिकेट बांटे गए थे।
आज की मीटिंग उपरांत एक सरकारी प्रवक्ता ने विस्तार में जानकारी देते हुए बताया कि कर्ज राशि का लाभ देने संबंधी तरीके तलाशे जा रहे हैं। मीटिंग दौरान इस बात पर भी सहमति बनी कि कर्ज माफी के सर्टिफिकेट सार्वजनिक तौर पर पेश किये जाएं जिससे विरोधी पक्षों या कुछ किसान यूनियनों अपने संकुचित हितों को पूरा करने के लिए झूठे प्रचार के द्वारा किसी भी तरह किसानों को गुमराह न कर सकें।
प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को हिदायत की कि कर्ज बांटने कि प्रक्रिया को सुचारू ढंग के साथ यकीनी बनाया जाए और कोई भी योग्य किसान इस के लाभ से खाली नहीं रहना चाहिए। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अधिकारियों को गलत शब्द जोड़ जैसी तकनीकी कमियां तुरंत दरुस्त करने और इस स्कीम को प्रभावी ढंग के साथ लागू करने के रास्ते में आने वाली रुकावटों दूर करने के आदेश दिए।
प्रवक्ता ने बताया कि श्री कैप्टन ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस सम्बन्ध में किसी तरह की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने सीनियर अधिकारियों को समुची प्रक्रिया की स्वयं निगरानी करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस स्कीम को सही मायनों में लागू करने के लिए पूर्ण तौर पर वचनबद्ध है।
पहले पड़ाव में सरकार द्वारा सहकारी संस्थायों का कर्ज माफ किया जा रहा है जिसके लिए 5.63 लाख किसानों की पहचान की जा चुकी है जिनको 2700 करोड़ रुपए की राहत दी जा रही है।
समुची प्रक्रिया को चार पड़ावों में सम्पूर्ण किया जाएगा और सहकारी संस्थाओं के बाद निजी और राष्ट्रीय बैंकों को भी इस स्कीम के घेरे में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि राज्य की वित्तीय स्थिति स्थिर होने पर खेती मजदूरों के हितों पर भी ध्यान दिया जाएगा।

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