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सिटी  ब्यूटीफुल और स्टेशन का यह हाल-

सिटी ब्यूटीफुल और स्टेशन का यह हाल-

चंडीगढ़ – गणतंत्र दिवस पर हाई अलर्ट होने के बाबजूद भी चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन की हालत बदतर  बनी हुई है।
गौरतलब है कि गत दिवस गृह मंत्रालय की ओर से गणतंत्र दिवस पर आतंकी गतिविधियों की आशंका को लेकर चंडीगढ़ में अलर्ट जारी कर दिया गया है पर हैरत की बात है कि हाई अलर्ट जारी होने के बाबजूद चंंडीगढ रेलवे स्टेशन के मेन गेट और पिछले गेट पर न तो मैटल डिटेक्टर्स की सुविधा है और न ही बैग स्केनर व हैंड मेटल डिटैक्टर्स की।
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन में न सिर्फ चंडीगढ के ही बल्कि पूरी ट्राईसिटी व अन्य राज्यों के लोगों की रोजाना हजारों की संख्या में आवाजाही लगी रहती है। चूंकि चंडीगढ कालका व शिमला का नजदीकी रेलवे स्टेशन है तो यहंा पर शिमला, सोलन, कसौली जाने वाले पर्यटक भी आते जाते रहते हैं।
जब अर्थप्रकाश संवाददाता ने रेलवे स्टेशन पर रोजाना चंडीगढ़ से कालका आवाजाही करने वाले लोगों से बात की वो उन्होंने बताया कि वो पिछले कई सालों से यहां रोजाना आवाजाही कर रहे हैं और तब से लेकर अब तक रेलवे स्टेशन के ऐसे ही हाल है। अब तो ऐसी स्थिति देखते हुए हमने अपनी सुरक्षा राम भरोसे ही छोड़ दी है।
अर्थप्रकाश संवाददाता ने जब रेलवे स्टेशन पर तैनात इंस्पेक्टर राजेश कुमार राणा से लोगों की सुरक्षा को लेकर पूछताछ की तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पीछा छुड़ाते हुए कहा कि वो अभी कोई जबाब नही दे सकते आप सीधे एसएचओ राज कुमार से बात करे।
एसएचओ राजकुमार के शहर से बाहर होने के कारण संपर्क न होने पर जब संवाददाता ने स्टेशन मास्टर से बात की तो उन्होंने बड़ी सूझबूझ के साथ सारी बात सुनने के बाद स्टेशन डायरेक्टर से संपर्क करके सारी बात बताने का सुझाव दिया। जब उनसे बात करने की कोशिश की तो स्टेशन डायरेक्टर हरदीप कुमार ने भी जबाब देने से बचने के चक्कर में जरूरी मीटिंग में व्यस्त होने व बाद में संपर्क करने को कह फोन काट दिया और अंत में जब संवाददाता ने एएसआई तरपाल सिंह से बात की तो उन्होंने लोगों की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए संवाददाता को बताया कि स्टेशन में बैग स्केनर, पास मेटल डिटेक्टर्स, हैंड मेटल डिटेक्टर्स के लिए व सुरक्षा बल कर्मी कम होने के कारण और सुरक्षा बल रेलवे स्टेशन में तैनात करने की भी उच्च अधिकारियों से मांग की गई है, जो कि दो चार दिन में पूरी कर दी जाएगी और हमारी तरफ से लोगों को पूरी सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाएगी।
हैरानी का बात तो ये है कि एक सवाल का जबाब पाने के लिए जब हमारे संवाददाता को कई अधिकारियों से निराशा मिली तो आम जनता को रोजाना कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता होगा और यदि लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षा बल कर्मी ही अपनी जिम्मेदारी से पीछा छुड़ाने लगे तो लोगों की सुरक्षा किसके भरोसे रह जाएगी?

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