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विदेश में भी फैली भारत की सुगंध,: प्रथम प्रवासी सांसद सम्मेलन मेें बोले पीएम मोदी-

विदेश में भी फैली भारत की सुगंध,: प्रथम प्रवासी सांसद सम्मेलन मेें बोले पीएम मोदी-

नई दिल्ली -आज पीएम नरेंद्र मोदी ने संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी को प्रवासी भारतीय दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं. मैं दुनिया के कई क्षेत्रों, विश्‍व के हर कोने से यहां आए आप सभी प्रवासी मित्रों का सवा सौ करोड़ देशवासियों की तरफ से स्‍वागत करता हूं. वेलकम टू इंडिया, वेलकम टू होम.
पीएम मोदी ने कहा –
मोदी ने कहा, ”राजनीति की बात करूं तो, मैं देख ही रहा हूं कि कैसे भारतीय मूल की एक मिनी वर्ल्ड पार्लियामेंट मेरे सामने उपस्थित है. आज भारतीय मूल के लोग मॉरीशस, पुर्तगाल और आयरलैंड में प्रधानमंत्री हैं. भारतीय मूल के लोग और भी बहुत से देशों में हेड ऑफ स्टेट और हेड ऑफ गवर्नमेंट रह चुके हैं.

पीएम ने कहा, ”प्रवासी भारतीय ने जहां एक तरफ खुद में भारतीयता को जीवित रखा, तो दूसरी तरफ वहां की भाषा, वहां के खान-पान, वहां की वेश-भूषा में भी पूरी तरह घुल-मिल गए.”

मोदी ने कहा, ”यह कोई आश्चर्य की बात नहीं कि भारतीय मूल के प्रवासी जहां भी गए, वहीं पूरी तरह एकीकृत हो कर, उस जगह को अपना घर बना लिया. उन्होंने जहां एक तरफ खुद में भारतीयता को जीवित रखा, तो दूसरी तरफ वहां की भाषा, वहां के खान-पान, वहां की वेश-भूषा में भी पूरी तरह घुल-मिल गए.”

पीएम मोदी ने कहा, ”आपको यहां देखकर आपके पूर्वजों को कितनी प्रसन्नता हो रही होगी, इसका अंदाजा हम सभी लगा सकते हैं. वो जहां भी होंगे, आपको यहां देखकर बहुत खुश होंगे. सैकड़ों वर्षों के कालखंड में भारत से जो भी लोग बाहर गए, भारत उनके मन से कभी बाहर नहीं निकला.

विदेश मंत्री स्वराज ने कहा कि साल 2003 से प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जा रहा है लेकिन कभी भी ऐसा आयोजन नहीं किया गया जिसमें केवल भारतीय मूल के जनप्रतिनिधियों को बुलाया गया हो.
भारतीय मूल प्रवासी जहां भी गए, वहां पूरी तरह एकीकृत होकर उस जगह को अपना बना लिया.
राजनीति की बात करूं तो मैं देख रहा हूं कि मिनी पार्लियामेंट आज मेरे सामने मौजूद हैं.
उन्होने कहा कि-
पिछले 3-4 साल में भारत के प्रति विश्‍व का नजरिया बदला है.
आपकी खबर देखने और जानने के लिए भारतीय सबसे ज्‍यादा उत्‍सुक रहते हैं.
चाहे सिनेमा हो और या राजनीति हो, भारतीयों ने हर जगह अपनी पहचान छोड़ी.
भारत निरसता से बहुत आगे बढ़ चुका है.
वर्ल्‍ड इकॉनोमिक फोरम में हमारी रैंकिंग सुधरी है.
भारत बदल रहा है.

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