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चंडीगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं को लग सकता है जोर का झटका-

चंडीगढ़। शहर में बिजली टैरिफ अप्रैल से 15 से 20 फीसदी बढ़ सकते हैं। अगर पुराने चल रहे 268 करोड़ के घाटे को कम करने के लिए जेईआरसी ने बिजली विभाग की पिटीशन पर सुनवाई करते हुए उनके पक्ष में फैसला दे दिया। चंडीगढ़। शहर में बिजली टैरिफ अप्रैल से 15 से 20 फीसदी बढ़ सकते हैं। अगर पुराने चल रहे 268 करोड़ के घाटे को कम करने के लिए जेईआरसी ने बिजली विभाग की पिटीशन पर सुनवाई करते हुए उनके पक्ष में फैसला दे दिया।  ऐसा लग नहीं रहा है क्योंकि बिजली के बढ़े रेट का पैसा हर तिमाही में (फ्यूल प्राइस एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट चार्जेज) एफपीपीसीए जुड़कर उपभोक्ताओं से रहा है। फिर भी बिजली विभाग 268 करोड़ का घाटा पाटने के लिए 30 जनवरी तक जेईआरसी (जॉइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ) के पास पिटीशन दायर करने जा रहा है। पिटीशन तैयार हो चुकी है, अभी चीफ इंजीनियर कम स्पेशल सेक्रेटरी के पास भेजी है। वहां से ओके होने के बाद एडमिनिस्ट्रेटर से अप्रूवल के लिए जाएगी। इसके बाद ही जेईआरसी के पास पिटीशन दायर हो सकेगी।  जेईआरसी (जॉइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ) ने मई 2016 में मल्टी ईयर टैरिफ अपू्रव किया था। तब जेईआरसी ने टैरिफ 17.78 फीसदी बढ़ाने की सिफारिश की थी। इसके बाद भी बिजली विभाग का पिछले सालों का घाटा इसमें कवर नहीं हो सका। इसके अलावा 2017 -18 के घाटे को लेकर भी ऑडिट रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें वर्ष 2017-18 का रेवन्यू और इंफ्रास्ट्रक्चर के खर्च में ज्यादा घाटा नहीं है।  एनटीपीसी सहित अन्य कंपनियों के बिजली सप्लाई के रेट बढऩे पर उसकी रिकवरी (फ्यूल प्राइस एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट चार्जेज) एफएफपीसीए के जरिए बिजली कंज्यूमर से तीन तिमाही में हो चुकी है। ऐसे में बिजली विभाग ने मौजूदा साल में घाटा नहीं शो किया है।  चीफ इंजीनियर कम स्पेशल सेक्रेटरी मुकेश आनंद ने बताया कि बिजली विभाग की ओर से 15 से20 फीसदी टैरिफ बढ़ाने की जेईआरसी के पास इस महीने पिटीशन दायर करने के लिए फाइल भेजी हुई है। इसमें कुछ पॉइंट पर विभाग से क्वेरी का जवाब मांगा गया था। उसके आते ही जेईआरसी के यहां पिटीशन दाखिल करने की एडवाइजर और एडमिनिस्ट्रेटर से अप्रूवल ली जाएगी।  इसके बाद ही जेईआरसी के यहां पिटीशन दाखिल हो सकेगी। जेईआरसी की ओर से पब्लिक हीयरिंग रखी जाएगी। उसमें तय होगा कि टैरिफ बढ़ाने की जरूरत है या नहीं। साल में 17500 लाख यूनिट बिजली शहर में कंजप्शन होती है। बिजली के 2 लाख 16 हजार 184 बिजली कनेक्शन हैं। इतने कनेक्शन में कमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल और एग्रीकल्चर भी हैं। इन सभी को गर्मियों में रोजाना 54 लाख यूनिट बिजली सप्लाई होती है सर्दियों में सभी कनेक्शन में रोज 34 लाख यूनिट बिजली खपत होती है।

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