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महिला भवन, स्ट्रीट वेंडर्स को लेकर पक्ष-विपक्ष में तू तू-मैं मैं

चंडीगढ़। नगर निगम चंडीगढ़ की २५२वीं एवं मेयर आशा कुमारी जसवाल के कार्यकाल की अंतिम सदन बैठक में आज कई मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष में टकराव भी हुए और हंसी-मजाक की फुलझडिय़ां भी चलती रहीं। मुख्य एजेंडे के तीनों मुद्दे थोड़े बहुत तकरार के बाद पारित कर दिए गए। किन्तु सप्लीमेंट्री एजेंडे पर आते आते सदन में गर्मागर्मी देखने को मिली। शहर के विभिन्न सेक्टरों में अलाट किए जाने वाले स्थलों को लेकर आज भाजपा और कांग्रेस में काफी नोक झोंक देखने को मिली।
इस एजेंडे को सदन पटल पर रखते ही मेयर अरुण सूद और कमिश्नर सहित कई पार्षदों ने निगम की कारगुजारी की प्रशंसा की। किन्तु कांग्रेसी पार्षद देविन्दर सिंह बबला ने शहर की सुन्दरता का हवाला देते हुए कटाक्ष किया कि चंडीगढ़ देश के अति सुन्दर शहरों में गिना जाता है। किन्तु शहर के सभी खासकर सेक्टर १७ की मार्केट में भी स्ट्रीट वेंडर्स को बैठा कर निगम कोई अच्छा उदाहरण पेश करने नहीं जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि वह मजदूर विरोधी नहीं है, पर शहर की खूबसूरती का भी हमें ध्यान रखने की जरूरत है। इस बात को लेकर पक्ष-विपक्ष में काफी देर तक रार चलती रही। सत्ता पक्ष के सभी पार्षदों ने बबला को गरीब-विरोधी और मजदूर विरोधी कहना शुरू कर दिया। बाद में कुछ देर बाद और भी कई लोग बहस में शामिल हुए। इनमें डिप्टी मेयर अनिल कुमार दुबे, देवेश मोदगिल, शक्ति प्रकाश देवशाली, सुनीता धवन, सत प्रकाश अग्रवाल सहित कई लोगों के नाम शामिल हैं। कमिश्नर जीतेन्द्र यादव ने सत्ता पक्ष की मांग को लेकर कहा कि फिलहाल इस पर अभी २९ दिसम्बर को अंतिम तिथि तय की गई थी। अब इसे अगले १० जनवरी तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ से जिसका आधार लिंक होगा, उसे लाइसेंस देनेके बाद ही अन्य दूसरे राज्यों के लोगों को मौका दिया जाएगा। सेक्टर-३८सी के महिला भवन के कमरों और परिसरों की अलाटमेंट को लेकर भी काफी गर्मागर्म बहस चली। कांग्रेस की श्रीमती गुरबक्श रावत ने इस एजेंडे पर कुछ सुझाव देना चाह रही थीं, जिस पर सत्ता पक्ष के कुछ पार्षद टोकाटोकी करने लगे। गुस्से में आकर गुरबक्श रावत ने मेयर को संबोधित करते हुए कहा कि वह भी लोगों द्वारा चुनकर निगम पार्षद बनी हैं, उन्हें भी बोलने का उतना ही अधिकार है, जितना औरों का। बाद में मेयर ने उन्हें सात्वना देते हुए कहा कि उन सभी के सुझावों पर वह अमल करेगी और उनके भी सुझाव का वह स्वागत करती हैं। बीच में अरुण सूद की दखलदाजी पर बबला पीआईएएल की चेतावनी भी दे डाली। देवेश मोदगिल ने इसमें महिलाओं के स्किल डिवेलपमेंट सेंटर और कोआपरेटिव मूवमेंट के लिए नेटवर्क खोलने का सुझाव दिया। सप्लीमेंटरी एजेंडे में ही सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा नगर निगम की बीमार आर्थिक स्थिति पर तैयार किए गए श्वेत पत्र की है। इस एजेंडे पर चर्चा अभी होनी थी।
मुख्य और सप्लीमेंटरी के सब मिलाकर कुल १२ एजेंडे प्रस्तावित थे जिसमें से ११ एजेंडे पारित कर दिए गए। नगर निगम की कमजोर वित्तीय स्थिति से संबंधित एजेंडा नम्बर ६ स्थगित कर दिया गया। इसके पूर्व मेयर ने सभी पार्षदों, अधिकारियों और मीडिया का सकारात्मक सहयोग देनेके लिए धन्यवाद भी किया।

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